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About Mangal Dosh Puja

परिचय (About)

मंगल दोष पूजा, जिसे मांगलिक दोष निवारण पूजा भी कहा जाता है, वैदिक ज्योतिष में अत्यंत महत्वपूर्ण शांति अनुष्ठान है। जब जन्मकुंडली में मंगल ग्रह (Mars) कुछ विशेष भावों—जैसे लग्न (1), द्वितीय (2), चतुर्थ (4), सप्तम (7), अष्टम (8) या द्वादश (12)—में स्थित होता है, तब मंगल दोष का निर्माण माना जाता है। यह दोष विशेष रूप से विवाह, दांपत्य सुख, भावनात्मक संतुलन और पारिवारिक शांति को प्रभावित कर सकता है।

मंगल ग्रह ऊर्जा, साहस और क्रियाशीलता का प्रतीक है, किंतु जब इसकी उग्रता असंतुलित हो जाती है तो क्रोध, टकराव, देरी, वैवाहिक तनाव, टूटन या अलगाव जैसी स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं। मंगल दोष पूजा का उद्देश्य मंगल की उग्र ऊर्जा को शांत कर उसे सकारात्मक, नियंत्रित और रचनात्मक दिशा देना है।

यह पूजा विशेष रूप से विवाह से पूर्व, कुंडली मिलान के समय, या वैवाहिक जीवन में निरंतर तनाव होने पर कराई जाती है।

हमारे द्वारा मांगलिक दोष निवारण पूजा offline या online दोनों माध्यम से संपन्न करवा सकते हैं इस हेतु आप दिए गए फॉर्म को भर कर या दिए संपर्क सूत्र के माध्यम से जुड़ सकते है।

मांगलिक दोष निवारण पूजा का विशेष महत्व – उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर में मंगल भात पूजा का है। यदि मांगलिक दोष तीव्र हो तो ऐसी स्थिति में कुंभ विवाह तथा अर्क विवाह का भी उपाय किया जाता है, अवंतिका पूजन से आप ये उपाय भी करवा सकते है।


महत्व (Significance)

मंगल दोष पूजा का ज्योतिषीय एवं आध्यात्मिक महत्व निम्नलिखित है:

  • मंगल ग्रह के अशुभ प्रभावों से बचाव
  • विवाह में विलंब और बाधाओं से राहत
  • दांपत्य जीवन में समझ, सामंजस्य और शांति
  • क्रोध, आक्रामकता और अधैर्य में कमी
  • रिश्तों में स्थिरता और विश्वास का निर्माण

वैदिक मान्यता के अनुसार, मंगल दोष पूजा मंगल की उग्र शक्ति को संयमित साहस में बदल देती है, जिससे जीवन में संतुलन आता है।


विधि (Vidhi / Procedure)

मंगल दोष पूजा अनुभवी वैदिक पंडित द्वारा शास्त्रसम्मत विधि से कराई जाती है। सामान्य प्रक्रिया इस प्रकार है:

  1. शुद्धिकरण – यजमान और पूजा-स्थल का पवित्रीकरण
  2. गणेश पूजन – विघ्नों की निवृत्ति हेतु
  3. संकल्प – नाम, गोत्र और उद्देश्य के साथ
  4. कलश स्थापना – शुभ ऊर्जा के आवाहन हेतु
  5. मंगल ग्रह आवाहन – वैदिक मंत्रों द्वारा
  6. मंगल शांति मंत्र जाप
  7. हवन – विशेष मंगल सामग्री से
  8. शांति पाठ व आरती – पूजा का समापन

पूजा सामग्री (Samagri)

मंगल दोष पूजा हेतु आवश्यक सामग्री:

  • हवन कुंड, समिधा व घी
  • मंगल-विशेष हवन सामग्री
  • लाल पुष्प, लाल वस्त्र
  • कलश, नारियल व आम पत्ते
  • अक्षत (चावल), हल्दी, कुमकुम
  • दीपक, धूप, कपूर
  • लाल चंदन
  • फल, मिठाई व प्रसाद
  • पूजा चौकी व पवित्र वस्त्र
  • गंगाजल

(संपूर्ण सामग्री पंडित जी द्वारा उपलब्ध कराई जाती है।)


लाभ (Benefits)

मंगल दोष पूजा से प्राप्त होने वाले प्रमुख लाभ:

  • विवाह में होने वाली देरी और बाधाओं से मुक्ति
  • दांपत्य जीवन में शांति और सामंजस्य
  • क्रोध, झगड़े और तनाव में कमी
  • भावनात्मक संतुलन और धैर्य में वृद्धि
  • परिवार में सौहार्दपूर्ण वातावरण
  • वैवाहिक टूटन की आशंका में कमी
  • जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की शुरुआत

निष्कर्ष

मंगल दोष निवारण पूजा मंगल की उग्र ऊर्जा को सकारात्मक शक्ति में परिवर्तित कर जीवन को स्थिर, संतुलित और सुखद बनाती है।यदि आप भी मंगल दोष से पीड़ित है, इसमें चिंता का कोई विषय नहीं जन्मकुंडली के इतने भावों में मंगल की उपस्थिति होने के कारण मंगल दोष एक व्यापक दोष है। कई अधिक संख्या में लोग मंगल दोष से पीड़ित है किंतु सही समय पर पूजन एवं उपाय से इसका प्रभाव काम भी हो जाता है।